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Product Description
à¤_x008f_कातà¥_x008d_म मानवदरà¥_x008d_शन अनà¥_x0081_संधान à¤_x008f_वं विकास पà¥_x008d_रतिषà¥_x008d_ठान कà¥_x008d_या बाजारवाद (पूà¤_x0081_जीवाद) तथा राजà¥_x008d_यवाद (सामà¥_x008d_यवाद) विचारधाराà¤_x008f_à¤_x0081_ आधà¥_x0081_निक मानव को à¤à¥€à¤¤à¤°à¥€ सà¥_x0081_ख दिला सकती हैं? कà¥_x008d_या इस देश के करोड़ों लोग पशà¥_x008d_चिमी अवधारणाओं के अनà¥_x0081_सार ही जीवन जीने को अà¤à¤¿à¤¶à¤ªà¥_x008d_त हैं? कà¥_x008d_या à¤à¤¾à¤°à¤¤ की पà¥_x008d_रजा के पास इसका कोई समाधान नहीं है? à¤à¤¾à¤°à¤¤ के à¤_x008f_क यà¥_x0081_गऋषि पंडित दीनदयाल उपाधà¥_x008d_याय ने इन सवालों, इन खतरों को दशकों पहले ही à¤à¤¾à¤_x0081_प लिया था और à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ परंपराओं के खजाने में ही इनके उतà¥_x008d_तर à¤à¥€ खोज लिये थे। उनà¥_x008d_होंने वà¥_x008d_यषà¥_x008d_टि बनाम समषà¥_x008d_टि के पाशà¥_x008d_चातà¥_x008d_य समीकरण को अन बताया था तथा वà¥_x008d_यषà¥_x008d_टि à¤_x008f_वं समषà¥_x008d_टि की à¤_x008f_कातà¥_x008d_मता से ही मानव की पहचान की थी। उनà¥_x008d_होंने इस पहचान के लिà¤_x008f_ ‘à¤_x008f_कातà¥_x008d_म मानवदरà¥_x008d_शन’ के रूप में à¤_x008f_क दारà¥_x008d_शनिक वà¥_x008d_याखà¥_x008d_या पà¥_x008d_रसà¥_x008d_तà¥_x0081_त की थी। पर विडंबना, उनकी यह खोज, उनका यह दरà¥_x008d_शन आगे न बढ़ सका। पà¥_x008d_रयास कà¥_x0081_छ अधूरे रहे। दोष शायद परिसà¥_x008d_थितियों का रहा। लेकिन इस शताबà¥_x008d_दी के पà¥_x008d_रारंठमें कà¥_x0081_छ सामाजिक व अकादमिक कारà¥_x008d_यकरà¥_x008d_ताओं ने इस धारा को आगे बढ़ाने का संकलà¥_x008d_प लिया। इस समूह का अनà¥_x0081_à¤à¤µ रहा कि गहन अनà¥_x0081_संधान à¤_x008f_वं वà¥_x008d_यावहारिक परियोजनाओं का सूतà¥_x008d_रपात करने से ही इसे आगे बढ़ाया जा सकता है। उसी विचार व अनà¥_x0081_à¤à¤µ में से उतà¥_x008d_पतà¥_x008d_ति हà¥_x0081_ई ‘à¤_x008f_कातà¥_x008d_म मानवदरà¥_x008d_शन अनà¥_x0081_संधान à¤_x008f_वं विकास पà¥_x008d_रतिषà¥_x008d_ठान’ की। इसके विà¤à¤¿à¤¨à¥_x008d_न आयामों व पहलà¥_x0081_ओं पर नियमित परिचरà¥_x008d_चाओं व पà¥_x008d_रकाशनों के माधà¥_x008d_यम से जो वातावरण बना, उसके परिणाम सामने आने लगे हैं। ‘à¤_x008f_कातà¥_x008d_म मानवदरà¥_x008d_शन’ देश में वैचारिक बहस की मà¥_x0081_खà¥_x008d_यधारा का अहम हिसà¥_x008d_सा बन गया है। पà¥_x008d_रतिषà¥_x008d_ठान के सामने अब लकà¥_x008d_षà¥_x008d_य है, उसे वैशà¥_x008d_विक सà¥_x008d_तर पर ले जाने का।.

